पटना/डेस्क: 6 सितंबर 2026 की दोपहर एक दिल दहला देने वाले मामले में विवाहिता पवित्री कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के मायके पक्ष ने उसकी सास और जेठानी पर गला घोंटकर फंदे से लटकाने और हत्या को आत्महत्या का रूप देने का सीधा आरोप लगाया है। यह सनसनीखेज वारदात उस वक्त अंजाम दी गई जब पवित्री के दोनों मासूम बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल गए हुए थे। घटना को अंजाम देने के बाद से ही ससुराल पक्ष की दोनों आरोपी महिलाएं घर का सामान समेटकर फरार बताई जा रही हैं। मायके वालों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।
शादी के दस साल बाद उजड़ गया परिवार
मृतका की पहचान संतोष गुप्ता की पत्नी पवित्री कुमारी के रूप में की गई है। पवित्री के भाई उमेश गुप्ता ने बताया कि उनकी बहन की शादी वर्ष 2016 में संतोष गुप्ता के साथ पूरे हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुई थी। शादी के बाद पवित्री ने दो बच्चों को जन्म दिया, जिनमें बेटी सरस्वती कुमारी और बेटा शिवम कुमार शामिल हैं।
परिजनों के अनुसार, शादी के कुछ ही समय बाद से ससुराल में कलह और विवाद का दौर शुरू हो गया था। पवित्री का पति संतोष गुप्ता रोजी-रोटी और काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहता था। घर पर पवित्री अपनी सास और जेठानी के साथ रहती थी। आरोप है कि पति की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर सास सुमित्रा देवी और जेठानी सुलेखा देवी छोटी-छोटी घरेलू बातों को लेकर पवित्री को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती थीं।
बच्चों के स्कूल जाते ही रची गई खौफनाक साजिश
मृतका के भाई उमेश गुप्ता ने बताया कि 6 सितंबर की सुबह सब कुछ रोज की तरह सामान्य दिख रहा था। पवित्री ने अपने दोनों बच्चों सरस्वती और शिवम को तैयार किया और स्कूल भेज दिया। आरोप है कि जैसे ही बच्चे घर की चौखट से बाहर निकले और पवित्री घर में अकेली रह गई, सास सुमित्रा देवी और जेठानी सुलेखा देवी ने पहले से बनाई गई योजना के तहत उस पर हमला कर दिया।
मायके पक्ष का संगीन आरोप है कि दोनों महिलाओं ने मिलकर पवित्री की जान ली और फिर पूरे मामले को खुदकुशी का रूप देने के लिए उसके शव को फंदे से लटका दिया। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद दोनों आरोपियों ने घर का जरूरी और कीमती सामान समेटा, बाहर से मुख्य दरवाजा बंद किया और मौके से फरार हो गईं।
बंद दरवाजे के पीछे फंदे से झूलता मिला शव
काफी देर तक जब घर में कोई हलचल नहीं हुई और बाहर से ताला लटका देखा गया, तो आसपास के लोगों और मायके वालों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग आनन-फानन में मौके पर पहुंचे। जब दरवाजा खोलकर अंदर देखा गया, तो पवित्री का शव फंदे से लटक रहा था और घर से सास व जेठानी नदारद थीं।
घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को फंदे से नीचे उतारा, पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। हालांकि, परिजनों का कहना है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद भी पुलिस की तरफ से आरोपियों को पकड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
मां को ढूंढते बिलख रहे हैं दोनों मासूम बच्चे
इस पूरी त्रासदी में सबसे हृदयविदारक स्थिति पवित्री के दोनों मासूम बच्चों की है। स्कूल से घर लौटे सरस्वती और शिवम को जब पता चला कि उनकी मां अब इस दुनिया में नहीं रही, तो वे बेसुध होकर रोने लगे। बच्चे बार-बार दरवाजे की ओर देखकर अपनी मां के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि सिर से मां का साया उठ जाने के बाद मासूमों का भविष्य अंधकार में डूब गया है।
मायके पक्ष ने उठाई निष्पक्ष जांच और गिरफ्तारी की मांग
पीड़ित भाई उमेश गुप्ता ने पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों से पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। मायके पक्ष का कहना है कि यह सीधा-सीधा सोची-समझी हत्या का मामला है, जिसे आत्महत्या साबित करने की कोशिश की गई है।

परिजनों ने मांग की है कि:
- फरार सास सुमित्रा देवी और जेठानी सुलेखा देवी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर अविलंब गिरफ्तारी की जाए।
- घटनास्थल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की बारीकी से जांच हो ताकि आरोपियों को सख्त सजा मिल सके।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस पारदर्शी तरीके से कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाए।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा होगा, वहीं फरार महिलाओं की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है।







