बिहार सरकार में कैबिनेट विस्तार के बाद नव-नियुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल के मंत्री बनने के बाद प्रथम बार अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र आगमन को लेकर स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। इस खास मौके पर फुलपरास विधानसभा में शीला मंडल का नागरिक अभिनंदन किया गया, जहां उन्होंने एक मिसाल कायम करते हुए पारंपरिक ईंधन वाहनों के बजाय आधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल का प्रयोग कर क्षेत्र का भ्रमण की। विज्ञान और तकनीकी विभाग की कमान संभालने के बाद उनका यह कदम राज्य में हरित ऊर्जा और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत और व्यवहारिक संकेत माना जा रहा है। मंत्री शीला मण्डल ने अपने इस कदम से स्पष्ट कर दी है कि बिहार अब तकनीकी रूप से पूरी तरह बदलने के लिए तैयार हो चुका है।
फुलपरास विधानसभा में शीला मंडल के आगमन पर भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में भारी जोश
क्षेत्रीय दौरे की शुरुआत करती हुई फुलपरास विधानसभा में शीला मंडल जैसे ही मधेपुर प्रखंड के सीमा क्षेत्र में प्रविष्ट हुईं, वैसे ही हजारों की संख्या में मौजूद समर्थकों और स्थानीय नेताओं ने फूल-मालाओं और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान आयोजित विभिन्न जनसंवाद कार्यक्रमों में भाग लेती हुई विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल ने आम जनता की समस्याओं को बेहद करीब से सुना और उनके त्वरित निष्पादन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी की। पर्यावरण के अनुकूल इलेक्ट्रिक व्हीकल का प्रयोग करती हुई वह पूरी विधानसभा के विभिन्न सुदूर ग्रामीण इलाकों के सघन दौरे पर निकलीं, जिससे आम जनता के बीच तकनीकी बदलावों और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर एक सकारात्मक और प्रगतिशील संदेश प्रसारित हुआ है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल ने तकनीकी नवाचारों और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर
विभिन्न जनसभाओं और स्वागत समारोहों को संबोधित करती हुई विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल ने कही कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में बिहार तकनीकी और वैज्ञानिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की ओर तेजी से अग्रसर हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से क्षेत्र के युवाओं और महिलाओं का आह्वान करते हुए कहा कि फुलपरास विधानसभा में शीला मंडल हमेशा से ही गुणात्मक शिक्षा और तकनीकी विकास की प्रबल समर्थक रही हैं और अब विभाग के माध्यम से स्थानीय स्तर पर युवाओं को नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। यात्रा के दौरान खुद इलेक्ट्रिक व्हीकल का प्रयोग कर उन्होंने यह साबित किया कि हमारी सरकार जो कहती है, उसे सबसे पहले अपने आचरण में भी लागू करती है, जिससे समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

इलेक्ट्रिक व्हीकल का प्रयोग आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत: पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
बढ़ते प्रदूषण और वैश्विक कार्बन उत्सर्जन पर गहरी चिंता व्यक्त करती हुई मंत्री ने आम जनमानस से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक व्हीकल का प्रयोग अवश्य सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि फुलपरास विधानसभा में शीला मंडल के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य न केवल जनता से सीधा संपर्क साधना था, बल्कि उन्हें भविष्य की आधुनिक तकनीकों से रूबरू कराना भी था। इस संदर्भ में नव-नियुक्त विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल ने घोषणा की कि राज्य सरकार ई-वाहनों की खरीद पर आकर्षक सब्सिडी दे रही है और बुनियादी ढांचा जैसे चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य कर रही है ताकि पर्यावरण को पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके।
इलेक्ट्रिक व्हीकल का प्रयोग कर हरित बिहार के सपने को साकार करेंगी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल
सतत विकास और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर प्रकाश डालती हुई मंत्री ने बताया कि हमारा भविष्य पूरी तरह से हरित ऊर्जा पर ही निर्भर है। इस यात्रा के माध्यम से इलेक्ट्रिक व्हीकल का प्रयोग करने का जो संदेश दिया गया है, वह भविष्य में राज्य की परिवहन और पर्यावरण नीति को बदलने में बेहद सहायक सिद्ध होगा। फुलपरास विधानसभा में शीला मंडल के इस ऐतिहासिक और प्रेरणादायी दौरे ने स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चेतना के साथ-साथ वैज्ञानिक चेतना को भी जागृत करने का काम किया है।

बैठक के मुख्य एजेंडे और विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा
दौरे के अगले चरण में मधेपुर प्रखंड अंतर्गत क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने और सरकारी प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से विधायक सह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल ने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक को संबोधित करती हुई उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य न्याय के साथ विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु की तरह कार्य करें। बैठक में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया:

- बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण: क्षेत्र में सड़कों की स्थिति, ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं (हर घर नल का जल), और बिजली की निरंतर आपूर्ति की गहन समीक्षा की गई। माननीय मंत्री ने निर्देश दिया कि जो कार्य अधूरे हैं, उन्हें तय समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए।
- जन-कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी: राशन कार्ड वितरण, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, तथा सात निश्चय पार्ट-2 के तहत चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया गया।
- बाढ़ पूर्व तैयारियां व जल प्रबंधन: मधेपुर और आस-पास के कोशी नदी से प्रभावित क्षेत्रों में जलजमाव एवं संभावित बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर किए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
कार्यकर्ताओं की भूमिका और सांगठनिक निर्देश
बैठक में सांगठनिक मजबूती पर बल देती हुई फुलपरास विधानसभा में शीला मंडल ने कहा कि जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता ही किसी भी दल और सरकार की असली ताकत होते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से जनता के संपर्क में रहें और पंचायत स्तर पर जनता दरबार या संपर्क कार्यक्रमों का आयोजन करें, ताकि स्थानीय समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट संज्ञान लिया जा सके। इस यात्रा में इलेक्ट्रिक व्हीकल का प्रयोग करने के अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से तकनीकी रूप से भी अपग्रेड होने की बात कही।
बैठक के दौरान स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल के समक्ष क्षेत्र की कुछ प्रमुख समस्याओं, जैसे कुछ चुनिंदा टोलों में सड़क संपर्क की कमी और जन वितरण प्रणाली (PDS) में आ रही तकनीकी दिक्कतों को रखा। मंत्री ने इन सभी मुद्दों को गंभीरता से नोट करते हुए संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने और समाधान निकालने का भरोसा दिया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख गणमान्य और समापन संकल्प
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मधेपुर प्रखंड अध्यक्ष, विभिन्न पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड संघ के प्रतिनिधि, राजग (NDA) गठबंधन के वरिष्ठ नेतागण एवं बड़ी संख्या में सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक सुर में क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और माननीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री शीला मंडल के नेतृत्व में क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा का विस्तार करने का दृढ़ संकल्प दोहराया।
अंत में, मंत्री महोदय ने यह बात दोहराई कि सरकार की कोई भी योजना तब तक सफल नहीं मानी जा सकती, जब तक उसका सीधा लाभ समाज के सबसे गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति को न मिले। कार्यकर्ताओं की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे हर गांव और टोलों में जाकर लोगों की समस्याओं को सुनें और प्रशासन के सहयोग से उनका त्वरित निवारण करवाएं। फुलपरास विधानसभा में शीला मंडल का यह दौरा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, सड़कों के संजाल के सुदृढ़ीकरण और युवाओं को रोजगारोन्मुखी तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।







