UP News: समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव (Prateek Yadav) की अचानक हुई मौत से पूरा उत्तर प्रदेश स्तब्ध है। हाल ही में गंगा नदी के पावन तट पर Prateek Yadav Ash Immersion (प्रतीक यादव अस्थि विसर्जन) का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान गंगा की कल-कल बहती लहरों के बीच एक ऐसा हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। पिता को अंतिम विदाई देते समय प्रतीक की 7 साल की मासूम बेटी पद्मजा बुरी तरह रो पड़ी, जिसके बाद बदायूं सांसद आदित्य यादव (Aditya Yadav) ने आगे बढ़कर उसे संभाला।
Prateek Yadav Ash Immersion: नन्हीं पद्मजा ने कार्ड पर लिखा- I Love You Papa
गंगा घाट पर Prateek Yadav Ash Immersion के समय सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाला पल तब आया, जब प्रतीक की छोटी बेटी पद्मजा वहां पहुंची। मात्र 7 साल की इस मासूम बच्ची के हाथों में एक रंग-बिरंगा कार्ड था। इस कार्ड पर उसने अपनी नन्हीं उंगलियों से स्केच पेन के जरिए लिखा था— I Love You Papa और नीचे एक टूटा हुआ दिल (Broken Heart) बनाया था।
जैसे ही अस्थि कलश को पद्मजा के माथे से लगाया गया, वह अपने पिता की कमी को महसूस कर पूरी तरह टूट गई। कलश को छूते ही बच्ची का पूरा शरीर कांप उठा और वह फूट-फूटकर रोने लगी। घाट पर गूंजती उसकी पापा… पापा… की करुण पुकार ने वहां उपस्थित हर नेता, कार्यकर्ता और पारिवारिक सदस्य का कलेजा चीर दिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

अपर्णा यादव ने बेटी को लगाया सीने से, गमगीन हुआ गंगा घाट
पति के निधन (Prateek Yadav Death) के इस गहरे दुख में भाजपा नेता अपर्णा यादव (Aparna Yadav) खुद को संभाल नहीं पा रही थीं। उनके चेहरे पर जीवन का सबसे बड़ा खालीपन साफ दिख रहा था, लेकिन जब उन्होंने अपनी बेटी पद्मजा को इस तरह बिलखते देखा, तो उन्होंने तुरंत बेटी को अपने सीने से चिपका लिया। अपर्णा यादव ने अपनी सारी ताकत से बच्ची की पीड़ा को खुद में समेटने का प्रयास किया।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| दिवंगत व्यक्ति | प्रतीक यादव (उम्र 38 वर्ष) |
| कार्यक्रम | अस्थि विसर्जन (Prateek Yadav Ash Immersion) |
| स्थान | पवित्र गंगा घाट, उतराखंड |
| मुख्य पारिवारिक सदस्य | अपर्णा यादव, पद्मजा, सांसद आदित्य यादव |
दोनों मां-बेटी एक-दूसरे से लिपटकर काफी देर तक रोती रहीं। जब प्रतीक यादव की अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया जाने लगा, तब पद्मजा ने अपने हाथों में थामे उस आई लव यू पापा वाले कार्ड को भी धीरे से पवित्र गंगा की लहरों में प्रवाहित कर दिया। कागज का वह टुकड़ा लहरों के साथ धीरे-धीरे दूर जाता दिखा, मानो वह मासूम बच्ची अपने पिता को आखिरी बार धरती से अपना प्यार भेज रही हो।
भतीजी का रोना देख भावुक हुए सांसद आदित्य यादव, बोले- मैं हूं ना
इस बेहद दुखद माहौल के बीच, घाट पर प्रतीक यादव के चचेरे भाई और बदायूं से लोकसभा सांसद आदित्य यादव भी उपस्थित थे। अपनी सिसकती और रोती हुई भतीजी पद्मजा को देखकर आदित्य यादव खुद के आंसुओं को रोक नहीं पाए। वह तुरंत आगे बढ़े और पद्मजा के सिर पर प्यार से हाथ फेरते हुए उसे अपनी बाहों में ले लिया। आदित्य यादव ने बेहद भारी और भावुक आवाज में पद्मजा को सांत्वना देते हुए कहा:

कोई बात नहीं बेटा… रो मत। मैं हूं ना।
ये तीन शब्द मैं हूं ना उस मासूम बच्ची के लिए उस वक्त शायद पूरी दुनिया का सहारा बन गए। आदित्य यादव की आंखों में भी आंसू साफ देखे जा सकते थे, लेकिन उन्होंने एक भाई और अभिभावक का फर्ज निभाते हुए बच्ची को मजबूती से थामे रखा। उनका यह कदम इस बात का प्रतीक था कि पिता के जाने के बाद भी पूरा यादव परिवार इन बच्चों के साथ ढाल बनकर खड़ा है।
मात्र 38 साल की उम्र में प्रतीक यादव का निधन, सैफई परिवार में शोक
आपको बता दें कि मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और राजनीति से दूर रहकर अपना खुद का फिटनेस बिजनेस संभालने वाले प्रतीक यादव का 38 साल की उम्र में निधन हो गया। इतनी कम उम्र में उनके अचानक चले जाने से पूरे सैफई और यादव कुनबे को गहरा धक्का लगा है।
अस्थि विसर्जन के दौरान जहां छोटी बेटी पद्मजा का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं प्रतीक की बड़ी बेटी प्रथमा चुपचाप एक कोने में खड़ी होकर इस पूरे दृश्य को देख रही थी। वह अपनी बड़ी होने की जिम्मेदारी निभाते हुए अपने आंसुओं को पी रही थी। छोटी पद्मजा शायद अभी मौत के इस कड़वे सच को पूरी तरह समझ भी नहीं पाई है, वह बस इतना जानती है कि उसके प्यारे पापा अब कभी लौटकर घर नहीं आएंगे।









