भूमिका: रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात
बिहार के मधुबनी जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और भरोसे को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है। फूलपरास थाना क्षेत्र के मुरली चौक के पास हुई संगीता देवी नामक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर दिया है। इस हत्याकांड के पीछे जो सच्चाई सामने आई है, उसने न केवल पुलिस अधिकारियों को बल्कि पूरे इलाके के लोगों को चौंका कर रख दिया है। जिसे रक्षक होना चाहिए था, वही भक्षक बन बैठी। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि मृतका की कोई और नहीं, बल्कि उसकी अपनी सगी बहन—जो रिश्ते में उसकी सौतन भी थी—उसी ने पूरी हत्या की स्क्रिप्ट लिखी थी।
क्या है पूरा मामला और आधी रात का वो खौफनाक मंजर?
पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 10 और 11 जून की दरमियानी रात को फूलपरास के मुरली चौक स्थित एक घर में अंजाम दी गई थी। संगीता देवी अपने घर में सो रही थीं, तभी देर रात अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर उनकी गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए मधुबनी के पुलिस अधीक्षक (SP) ने तुरंत एक्शन लिया। उनके कड़े निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), फुलपरास के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया, ताकि अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
SIT की वैज्ञानिक जांच और सर्विलांस से खुला राज
विशेष जांच दल (SIT) ने मामले की तह तक जाने के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक तौर-तरीकों का सहारा लिया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले, संदिग्धों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) निकाले और मानवीय व तकनीकी सूचनाओं का बारीकी से विश्लेषण किया। जैसे-जैसे कड़ियां जुड़ती गईं, पुलिस के शक की सुई मृतका की सगी बहन सरिता देवी पर जाकर टिक गई। जब पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सरिता देवी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और जो कहानी सामने आई, उसने सबको सन्न कर दिया।

सुपारी देकर शूटर से कराई हत्या: ऐसे रची गई थी साजिश
जांच में यह बात सामने आई कि मृतका संगीता देवी और उसकी बहन सरिता देवी के बीच गहरा विवाद चल रहा था। सौतन होने के कारण दोनों के बीच अक्सर तनाव रहता था। इसी रंजिश के तहत सरिता देवी ने अपनी बहन को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। सरिता ने इसके लिए अपने एक परिचित गगन कुमार यादव से संपर्क साधा। गगन ने मध्यस्थ (बिचौलिया) की भूमिका निभाते हुए एक पेशेवर शूटर नीतीश कुमार यादव से सरिता की बात कराई। इसके बाद संगीता देवी की मौत का सौदा तय हुआ और मोटी रकम सुपारी के तौर पर दी गई।
घटना वाली रात का पल-पल का ड्रामा
वारदात वाले दिन यानी 10 जून की रात को मुख्य साजिशकर्ता सरिता देवी लगातार शूटर नीतीश कुमार यादव के संपर्क में बनी हुई थी। वह फोन पर शूटर को घर की स्थिति, संगीता की मौजूदगी और सही समय की पल-पल की लोकेशन दे रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रात करीब 11:30 बजे से 12:00 बजे के बीच सरिता और शूटर के बीच आखिरी दौर की लंबी बातचीत हुई।
योजना को अंतिम रूप देते हुए सरिता देवी खुद उस घर में मौजूद थी या उसने चाल चली। उसने अंदर से संगीता देवी का दरवाजा खुलवाया। संगीता को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी अपनी बहन ही उसकी मौत का परवाना लेकर खड़ी है। जैसे ही दरवाजा खुला, शूटर नीतीश कुमार यादव को घर के भीतर आसानी से एंट्री मिल गई। अंदर घुसते ही शूटर ने बिना वक्त गंवाए संगीता देवी पर निशाना साधा और ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। गोली सीधे संगीता को लगी और अत्यधिक खून बह जाने के कारण मौके पर ही उनकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार बरामद
सच्चाई सामने आते ही एसआईटी (SIT) ने त्वरित छापेमारी करते हुए मुख्य साजिशकर्ता सरिता देवी, बिचौलिया गगन कुमार यादव और मुख्य शूटर नीतीश कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, वारदात को अंजाम देकर भागने में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। इन मोबाइलों के जरिए ही हत्या की पूरी प्लानिंग की गई थी, जो अब पुलिस के लिए अदालत में पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य बनेंगे। मधुबनी पुलिस की इस त्वरित और सफल कार्रवाई की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।






