NEET Exam Protest Congress: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर सड़कों तक उबाल देखा जा रहा है। इसी कड़ी में फुलपरास विधानसभा क्षेत्र के लोहिया चौक पर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक विशाल प्रतिरोध मार्च निकाला। यह प्रदर्शन NEET परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक, छात्र आंदोलनों पर हो रही प्रशासनिक कार्रवाई तथा देश में लगातार बढ़ती बेरोज़गारी के विरोध में आयोजित किया गया था। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करते हुए देश के प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की।
इस बड़ पैमाने पर आयोजित प्रतिरोध मार्च की संयुक्त अध्यक्षता कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष रणधीर सेन, अब्दुल दायन हाशिम एवं देवेंद्र झा ने की। कार्यक्रम के दौरान लोहिया चौक और आसपास का पूरा इलाका कांग्रेस कार्यकर्ताओं के नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों के हाथों में केंद्र सरकार विरोधी तख्तियां थीं, जिन पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं को रोजगार देने जैसी मांगें लिखी हुई थीं।

परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग
प्रतिरोध मार्च के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। वक्ताओं ने मांग उठाई कि देश की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं, विशेषकर NEET जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जिस तरह से परीक्षाओं में कथित अनियमितताएं और पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, उसने देश के लाखों ईमानदार और मेहनती छात्रों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। कांग्रेस ने इन सभी अनियमितताओं की एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
युवाओं के भविष्य पर मंडराता संकट
सभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार के कार्यकाल में देश के युवाओं का भविष्य सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। वक्ताओं ने कहा:
आज देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की भारी कमी है। आए दिन होने वाली पेपर लीक की घटनाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार ने युवाओं का भरोसा सिस्टम से उठा दिया है। एक तरफ परीक्षाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो दूसरी तरफ देश में रोजगार के अवसर लगातार घटते जा रहे हैं, जो हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए एक अत्यंत गंभीर चुनौती है।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पार्टी चुप बैठने वाली नहीं है। युवाओं के हक, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के अधिकार के मुद्दे पर कांग्रेस सड़क से लेकर संसद तक लगातार लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करती रहेगी।
शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं का रहा भारी हुजूम
इस प्रतिरोध मार्च और पुतला दहन कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता अमानुल्लाह खान, मधुबनी के उप डिप्टी मेयर, पूर्व विधायक गुलजार देवी, चूल्हाई कामत, बुद्धप्रकाश, मिंटू शहजादा, रघुनाथ झा राजा, रामसुंदर यादव और चंद्रवीर यादव शामिल हुए।
इसके अलावा, सांगठनिक मजबूती दिखाते हुए जिला कांग्रेस कमिटी मधुबनी (पूर्व) के अध्यक्ष नलिनी रंजन झा, जिला कांग्रेस मधुबनी (पूर्व) के अध्यक्ष रूपम झा, फुलपरास विधानसभा के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सुबोध मंडल, गांधी जी, इस्लाम हक, गुंजन राम, तेतनाथ पाठक और पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज मिश्रा सहित बहुत बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी, बूथ स्तर के कार्यकर्ता एवं आम समर्थक उपस्थित रहे।
सभी नेताओं ने एक सुर में कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और रोजगार के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, तब तक कांग्रेस का यह आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। पुतला दहन के बाद सभा शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुई, लेकिन इस प्रदर्शन ने स्थानीय राजनीति में गरमाहट ला दी है।









