लौकही: मधुबनी जिले के सीमावर्ती व सुदूर ग्रामीण क्षेत्र लौकही के इतिहास में एक नया स्वर्णिम पन्ना जुड़ गया है। वर्षों की लंबी प्रतीक्षा, कड़े संघर्ष और स्थानीय जनता की पुरजोर मांग के बाद आखिरकार राजकीय डिग्री महाविद्यालय, लौकही का विधिवत शुभारंभ हो गया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर जनता दल यूनाइटेड (जदयू) शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव प्रोफेसर संजय भारतीय ने गहरा हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि आज प्रखंडवासियों का उच्च शिक्षा को लेकर देखा गया दशकों पुराना सपना साकार हो गया है। यह महाविद्यालय केवल ईंट-पत्थरों की एक इमारत नहीं है, बल्कि इस पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास का नया अध्याय है।
उपेक्षा के दंश से मुक्ति और एक नई शुरुआत
प्रो. संजय भारतीय ने क्षेत्र की पुरानी समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा कि मधुबनी जिले का लौकही प्रखंड भौगोलिक और प्रशासनिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण होने के बावजूद लंबे समय तक उच्च शिक्षा के क्षेत्र में घोर उपेक्षित रहा। इस क्षेत्र में कोई सरकारी डिग्री कॉलेज न होने के कारण यहाँ की मेधावी प्रतिभाएं आगे की पढ़ाई से वंचित रह जाती थीं या उन्हें मजबूरन विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था।
अब राजकीय डिग्री महाविद्यालय की स्थापना हो जाने से इस पूरे परिदृश्य में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। सबसे बड़ा लाभ स्थानीय छात्र-छात्राओं, विशेषकर ग्रामीण परिवेश की बेटियों को मिलेगा। पहले सुरक्षा, दूरी और अत्यधिक खर्च के कारण कई परिवार अपनी बेटियों को मैट्रिक या इंटरमीडिएट के बाद आगे पढ़ाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। बेटियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए अब दूर-दराज के महंगे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। वे अपने घर के पास ही सुरक्षित माहौल में स्नातक और उससे आगे की डिग्री हासिल कर सकेंगी।
आर्थिक बोझ से मिलेगी राहत, बढ़ेगा शिक्षा का स्तर
प्रोफेसर संजय भारतीय ने जोर देकर कहा कि इस महाविद्यालय के चालू होने से स्थानीय अभिभावकों पर से आर्थिक बोझ बहुत हद तक कम हो जाएगा। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चे जो बड़े शहरों जैसे पटना, दरभंगा या दिल्ली जाकर रहने और पढ़ने का खर्च वहन नहीं कर सकते थे, उनके लिए यह कॉलेज किसी वरदान से कम नहीं है। इससे क्षेत्र में ड्रॉप-आउट रेट (पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर) में भारी गिरावट आएगी और शिक्षा का स्तर गुणात्मक रूप से बेहतर होगा।
यह महाविद्यालय केवल एक सामान्य शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि यह लौकही के उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की एक मजबूत नींव है। इसके माध्यम से क्षेत्र के युवाओं को न सिर्फ डिग्री मिलेगी, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वास्तविक अवसर मिलेगा, जिससे हमारी नई पीढ़ी आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनेगी।— प्रो. संजय भारतीय, महासचिव, जदयू शिक्षा प्रकोष्ठ
नेतृत्व को दीं शुभकामनाएं, उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद
इस गौरवशाली और हर्षोल्लास के अवसर पर प्रो. संजय भारतीय ने नवनिर्मित महाविद्यालय परिसर का दौरा किया। वहां उन्होंने महाविद्यालय के नवनियुक्त प्राचार्य प्रो. डॉ. उमेश कुमार चौधरी एवं प्रतिष्ठित शिक्षाविद डॉ. आलोक कुमार राय से शिष्टाचार भेंट की। प्रो. भारतीय ने दोनों शीर्ष पदाधिकारियों को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर अपनी और क्षेत्र की जनता की ओर से हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि इन योग्य और अनुभवी शिक्षाविदों के कुशल नेतृत्व में यह महाविद्यालय बहुत जल्द शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों का समर्पण इस संस्थान को राज्य के अग्रणी महाविद्यालयों की कतार में खड़ा करेगा। क्षेत्र के लोग और आने वाली पीढ़ियां इनके अमूल्य योगदान को सदैव अत्यंत सम्मान और आदर के साथ याद रखेंगी। इस शुभारंभ से पूरे लौकही प्रखंड में उत्सव जैसा माहौल है और स्थानीय नागरिकों ने सरकार व शिक्षा विभाग के इस कदम की सराहना की है।








