लौकही: बिहार के मधुबनी जिले के अंतर्गत लौकही प्रखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ धोबियाही गांव में पिछले तीन दिनों से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है। गांव का मुख्य ट्रांसफार्मर अचानक खराब हो जाने के कारण सैकड़ों परिवार अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। इस भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में बिजली गुल रहने से स्थानीय ग्रामीणों का सामान्य जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। विभाग की इस सुस्ती और संवेदनहीनता को लेकर अब ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे रहा है और इलाके में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
भीषण गर्मी में पानी और बिजली की दोहरी मार
स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, तीन दिन पहले गांव का ट्रांसफार्मर अचानक तकनीकी खराबी के कारण जल गया। इसके तुरंत बाद पूरे गांव की बत्ती गुल हो गई। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह कोई सामान्य फॉल्ट है, लेकिन जब घंटों बिजली नहीं आई तो समस्या की गंभीरता का अहसास हुआ।
लगातार तीन दिनों से बिजली नहीं रहने के कारण सबसे विकट स्थिति पेयजल की उत्पन्न हो गई है। आधुनिक समय में अधिकांश घरों में पानी की आपूर्ति मोटर पंप के जरिए होती है। बिजली के अभाव में मोटर नहीं चल पा रहे हैं, जिससे घरों में पीने और रोजमर्रा के इस्तेमाल के पानी का अकाल पड़ गया है। लोग दूर-दराज के चापाकलों से पानी ढोने को मजबूर हैं। इसके अलावा, मोबाइल फोन, इनवर्टर और अन्य आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह से डिस्चार्ज हो चुके हैं, जिससे लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क भी प्रभावित हो रहा है।
विभागीय लापरवाही से बढ़ा जन आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर खराब होने के तुरंत बाद ही इसकी लिखित और मौखिक सूचना बिजली विभाग के कनीय अभियंता (JE) से लेकर अन्य संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को दे दी गई थी। ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाने की गुहार लगाई थी।
तीन दिन बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग की कुंभकर्णी नींद नहीं खुली है। अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। अगर समय रहते कार्रवाई की जाती, तो आज गांव के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को इस नरकीय स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। — आक्रोशित ग्रामीण
रात के समय पूरा गांव घने अंधेरे के आगोश में डूब जाता है। इस उमस भरी गर्मी में बिना पंखे के रात गुजारना खासकर छोटे बच्चों और बीमार बुजुर्गों के लिए किसी टॉर्चर से कम नहीं है। अंधेरे के कारण जहरीले कीड़े-मकोड़ों का डर भी लगातार बना रहता है।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
धोबियाही गांव के उपभोक्ताओं का कहना है कि वे नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान करते हैं, इसके बावजूद संकट के समय विभाग उन्हें उनके हाल पर छोड़ देता है। ग्रामीणों ने अब बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर गांव में नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली व्यवस्था को सुचारू नहीं किया गया, तो वे सड़क पर उतरकर बिजली विभाग के खिलाफ उग्र प्रदर्शन और चक्का जाम आंदोलन करने को विवश होंगे। ग्रामीणों के मुताबिक, इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि विभाग इस चेतावनी के बाद कितनी जल्दी हरकत में आता है।








