सकारात्मक और असरदार पत्रकारिता जब जनसरोकार के मुद्दों से जुड़ती है, तो व्यवस्था को न सिर्फ जागना पड़ता है, बल्कि जमीन पर काम करके भी दिखाना पड़ता है। पश्चिमी कोशी मुख्य नहर (भारतीय भाग) के 28 आर.डी. (रिड्यूस्ड डिस्टेंस) पर मंडरा रहे आसन्न बाढ़ के खतरे को लेकर भूमि न्यूज़ लाइव ने जिस प्रखरता से आवाज उठाई थी, उसका बेहद सुखद और बड़ा असर देखने को मिला है। पिपराही और परसाही गांवों के बीच स्थित साइफन के पास नहर का दाहिना तटबंध पानी के अत्यधिक दबाव के कारण टूटने की कगार पर था, लेकिन सही समय पर सही हस्तक्षेप ने एक बहुत बड़ी तबाही को टाल दिया है।
भूमि न्यूज़ लाइव की ग्राउंड रिपोर्ट और फिरोज यादव की कॉल का बड़ा धमाका
नहर में क्षमता से अधिक पानी छोड़े जाने के कारण बांध की जर्जर स्थिति पर जैसे ही भूमि न्यूज़ लाइव ने खबर का प्रसारण किया, वैसे ही जल संसाधन विभाग के गलियारों में हड़कंप मच गया। इसी बीच इलाके के सजग और सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज यादव ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए बिना एक पल गंवाए सीधे विभाग के मुख्य अभियंता (Chief Engineer) और संबंधित कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) से दूरभाष (फोन) पर संपर्क किया।
फिरोज यादव ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में स्थिति की भयावहता से अवगत कराते हुए कहा कि यदि अगले कुछ घंटों में कदम नहीं उठाए गए, तो दर्जनों गांव जलमगन जाएगा। भूमि न्यूज़ लाइव की विश्वसनीय रिपोर्ट और फिरोज यादव के इस व्यक्तिगत प्रयास का नतीजा यह हुआ कि सरकारी तंत्र बिना किसी देरी के पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया।
खुटौना कार्यपालक अभियंता ने खुद संभाला मोर्चा, भारी मशीनें तैनात
उच्चाधिकारियों से मिले कड़े निर्देश के बाद जल संसाधन विभाग, खुटौना के कार्यपालक अभियंता (EE) दलबल, तकनीकी टीम और भारी अमले के साथ खुद 28 आर.डी. घटनास्थल पर पहुंच गए। कार्यपालक अभियंता ने किसी दफ्तर में बैठकर आदेश जारी करने के बजाय खुद धूप में खड़े होकर दाहिने तटबंध को सुरक्षित करने के लिए युद्धस्तर पर फ्लड फाइटिंग वर्क (बचाव कार्य) शुरू करवाया।
मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में मजदूरों के साथ-साथ कई आधुनिक पोकलेन और जेसीबी मशीनों को उतारा गया है। पानी के तेज थपेड़ों से मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए बोल्डर डालने का काम जारी है। मशीनों के जरिए बांध के कमजोर पड़ चुके हिस्सों को न सिर्फ चौड़ा किया जा रहा है, बल्कि उसे अतिरिक्त सुरक्षा घेरा भी दिया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसा खतरा दोबारा न आए।
नाराजगी बदली मुस्कान में: किसानों और ग्रामीणों ने जताया अधिकारियों का आभार
इससे पहले तक जो किसान और ग्रामीण इस व्यवस्था से बेहद आक्रोशित थे और कह रहे थे कि नहर सिंचाई के लिए नहीं बल्कि बाढ़ लाने के लिए बनाई गई है, आज प्रशासन की इस मुस्तैदी को देखकर उनके चेहरों पर सुकून और मुस्कान लौट आई है।

तटबंध को सुरक्षित होते देख पिपराही, परसाही, जटही, महथौर, और नवटोल सहित दर्जनों गांवों के हजारों किसानों ने राहत की गहरी सांस ली है। इस त्वरित कार्रवाई से गदगद होकर स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने खुटौना के कार्यपालक अभियंता का सार्वजनिक रूप से आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों ने जिस तरह अपनी जिम्मेदारी समझकर जमीन पर खड़े रहकर काम करवाया है, वह काबिले-तारीफ है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने संकट के समय में उनकी आवाज बनने वाले चैनल Bhoomi News Live और तत्परता दिखाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता फिरोज यादव को भी सहृदय धन्यवाद दिया है। सजग पत्रकारिता, जागरूक नागरिक और संवेदनशील अधिकारियों के इस त्रिकोणीय समन्वय ने आज दर्जनों गांवों को एक महा-विपत्ति से बचा लिया है।







