पटना: बिहार की राजधानी पटना में कोचिंग सेंटर्स के बीच का विवाद अब एक बेहद गंभीर और हिंसक मोड़ ले चुका है। देश के सबसे चर्चित शिक्षकों में से एक, खान सर (फैसल खान) के खिलाफ पटना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत हत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की एक हाई लेवल मीटिंग हुई है, जिसके बाद डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) को खान सर की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस की टीमें पटना में अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और खान सर की किसी भी वक्त गिरफ्तारी संभव है।
क्या है पूरा मामला और विवाद की शुरुआत?
इस पूरे विवाद की स्क्रिप्ट 2 जून 2026 की रात को लिखी गई थी। पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान खान ग्लोबल स्टडीज (KGS) पर देर रात करीब 10:00 से 10:30 बजे के बीच कुछ उपद्रवियों ने अचानक हमला बोल दिया। हमलावरों ने कोचिंग परिसर में जमकर पथराव किया, तोड़फोड़ की और वहां लगे खान सर के पोस्टर और बैनर फाड़ डाले। इस हमले में खान सर की कोचिंग का एक सुरक्षा गार्ड बुरी तरह घायल हो गया था।

घटना की जानकारी मिलते ही खान सर खुद मौके पर पहुंचे थे। शुरुआती बयानों में उन्होंने दावा किया था कि हमलावरों ने कोचिंग पर दहशत फैलाने के लिए 8 से 10 राउंड फायरिंग की है। हालांकि, कुछ समय बाद वे अपने इस बयान से पीछे हटते दिखे। इसके बाद खान सर की तरफ से प्रतिद्वंदी कोचिंग संस्थान ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के डायरेक्टर रौशन आनंद पर इस हमले की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कदमकुआं थाने में FIR दर्ज कराई गई।
रौशन आनंद की गिरफ्तारी और छात्रों का आक्रोश
खान सर की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना पुलिस ने 3 जून को ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के डायरेक्टर रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों (अभिषेक और गौरव) को गिरफ्तार कर लिया। बुधवार शाम को ही तीनों को पटना सिविल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया। जेल जाते समय रौशन आनंद ने रोते हुए मीडिया से कहा था कि उन्हें इस मामले में पूरी तरह से फंसाया जा रहा है और इस हमले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
रौशन आनंद की गिरफ्तारी के बाद उनके छात्रों का गुस्सा भड़क उठा। गुरुवार को ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के लगभग 5,000 से अधिक छात्र सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने एनआईटी (NIT) मोड़ से लेकर कारगिल चौक तक एक विशाल कैंडल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी छात्रों के हाथों में बैनर थे, जिन पर लिखा था— जेल के ताले टूटेंगे, रौशन सर छूटेंगे। छात्रों का सीधा आरोप था कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। कारगिल चौक पर छात्रों ने सवाल उठाया कि अगर फायरिंग हुई थी, तो खान सर की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं की गई? रौशन सर को फंसाने के लिए यह पूरी साजिश रची गई है।

वीडियो विजुअल्स ने बदला केस का रुख, गार्ड्स ने खोला राज
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ 4 जून को आया, जब सोशल मीडिया और पुलिस के हाथ एक वीडियो लगा। इस वीडियो में खान सर की कोचिंग के दो सुरक्षा गार्ड खुद बाहर आकर फायरिंग करते हुए साफ दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद हरकत में आई कदमकुआं थाना पुलिस ने दोनों गार्ड्स को हिरासत में लिया और थाने लाकर करीब 3 घंटे तक कड़ी पूछताछ की।

पुलिस की इस पूछताछ में गार्ड्स ने जो खुलासा किया, उसने खान सर की मुश्किलें बढ़ा दीं। गार्ड्स ने पुलिस को दिए अपने लिखित और मौखिक बयान में कहा कि 2 जून की रात जब हल्ला सुनकर वे कोचिंग से नीचे उतरे, तो वहां मारपीट हो रही थी। तभी फैसल खान उर्फ खान सर ने उनसे कहा, फायरिंग करो, जो भी अंजाम होगा मैं खुद देख लूंगा, मैं सब समझ लूंगा। गार्ड्स के मुताबिक, अपने मालिक (खान सर) का आदेश मिलने के बाद उन्होंने आत्मरक्षा और भीड़ को खदेड़ने के नाम पर 2-2 राउंड (कुल 4 राउंड) गोलियां चलाईं। पुलिस ने इसी बयान को आधार बनाकर दरोगा अनिल कुमार के स्टेटमेंट पर खान सर के खिलाफ सीधे हत्या की कोशिश का मामला दर्ज कर लिया।
खान सर की दलील: सेल्फ डिफेंस में चली गोली
मामला दर्ज होने और गिरफ्तारी की तलवार लटकने के बीच खान सर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे अपने कोचिंग के छात्रों को संबोधित करते हुए पूरे मामले पर सफाई दे रहे हैं। खान सर ने वीडियो में कहा:
जब कोचिंग पर हमला हो रहा था और हमारे लोगों को पीटा जा रहा था, तब मुझे अच्छी तरह पता था कि पुलिस को मौके पर पहुंचने में थोड़ा समय लगेगा। पुलिस कोई उड़कर तो वहां नहीं आ सकती थी। ऐसी स्थिति में गार्ड्स ने जो कुछ भी किया, वह पूरी तरह से सेल्फ डिफेंस (आत्मरक्षा) में किया गया था।
खान सर ने आगे सवाल उठाया कि आखिर लोग सुरक्षा के लिए बॉडीगार्ड क्यों रखते हैं? ताकि वक्त आने पर वे जान-माल की रक्षा कर सकें। जब तक पुलिस नहीं आई थी, तब तक एक गार्ड क्या अपनी जान दे देता? क्या हमारे गार्ड्स ने किसी निर्दोष पर जानबूझकर निशाना साधकर फायरिंग की? खान सर ने यह भी कहा कि उन्हें पुलिस द्वारा दर्ज की गई नई FIR के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, लेकिन वे कानून का सम्मान करते हैं और जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे। उनकी सिक्योरिटी एजेंसी इस मामले के कानूनी पहलुओं को देख रही है।
पटना में हाई लेवल मीटिंग और पुलिस की रेड
आज, यानी 5 जून 2026 की दोपहर को पटना पुलिस के आला अधिकारियों की आईजी (IG) दफ्तर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हाई लेवल मीटिंग हुई। इस बैठक में पटना के एसएसपी (SSP), सेंट्रल एसपी, ईस्टर्न एसपी सहित जिले के तमाम बड़े पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में फैसला लिया गया कि कानून व्यवस्था और विधि व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा, चाहे आरोपी कितना भी रसूखदार क्यों न हो।
पुलिस ने खान सर की गिरफ्तारी के लिए स्पेशल DIU टीम का गठन किया है, जो पटना के विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इसी बीच, खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर वकीलों की गाड़ियों और भारी हलचल को देखा गया है। कोचिंग परिसर से एक पूरी तरह से कवर की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी बाहर निकलती देखी गई, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि खान सर कानूनी सलाह ले रहे हैं या अग्रिम जमानत के लिए रास्ते तलाश रहे हैं। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि BNS की धारा 109 के तहत आसानी से अग्रिम जमानत नहीं मिलती है।
पुलिस की छात्रों से अपील: अफवाहों से बचें
बढ़ते तनाव और कोचिंग सेंटर्स के छात्रों के बीच किसी भी संभावित टकराव को रोकने के लिए पटना पुलिस ने एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की जांच के बाद ही खान सर के दो गार्ड्स को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और उनके हथियारों को जब्त कर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) जांच के लिए भेजा गया है।
पुलिस ने पटना के तमाम छात्र-छात्राओं से भावुक और सख्त अपील करते हुए कहा है कि वे किसी भी कोचिंग संस्थान या सोशल मीडिया के बहकावे में न आएं। पुलिस निष्पक्ष तरीके से काम कर रही है और जो भी सबूत मिलेंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर की कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।










