दरभंगा बिहार: आज के समय में जब सरकार सब कुछ डिजिटल कर रही है ताकि गरीबों को उनका हक मिल सके, तब भी कुछ लोग भ्रष्टाचार का नया रास्ता निकाल लेते हैं। ऐसा ही एक बड़ा और हैरान करने वाला मामला बिहार के दरभंगा जिले से सामने आया है। यहाँ सरकार के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। केंद्र सरकार और पेट्रोलियम कंपनियों ने गैस सिलेंडर की कालाबाजारी को पूरी तरह रोकने के लिए एक पक्का नियम बनाया था। नियम यह है कि जब तक ग्राहक के मोबाइल पर आया OTP (वन टाइम पासवर्ड) कंप्यूटर या ऐप में नहीं डाला जाएगा, तब तक सिलेंडर की डिलीवरी पूरी नहीं मानी जाएगी। लेकिन दरभंगा की एक गैस एजेंसी ने इस डिजिटल सुरक्षा कवच को ही तोड़ दिया है। यहाँ ग्राहकों से बिना OTP लिए ही उनके हिस्से का सिलेंडर कागजों पर डिलीवर (पहुंच गया) दिखा दिया गया। उपभोक्ताओं का साफ़ आरोप है कि गैस एजेंसी के मालिक और कर्मचारी मिलकर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी के खेल को अंजाम दे रहे हैं।
यह पूरा मामला दरभंगा जिले के लहेरियासराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाहपट्ट रोड, बसेरा कॉलोनी का है। यहाँ स्थित आर. जे. भवानी एचपी गैस एजेंसी (RJ Bhawani HP Gas Agency) पर ग्राहकों ने धोखाधड़ी का संगीन आरोप लगाया है। इस इलाके के रहने वाले ज्ञान चंद्र कुमार और उनके पड़ोसी देवेंद्र प्रसाद इस पूरे फर्जीवाड़े के सीधे शिकार हुए हैं। इन लोगों ने जब अपनी आवाज उठाई, तो पता चला कि यह कहानी सिर्फ किसी एक व्यक्ति की नहीं है, बल्कि इसके पीछे गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है
कैसे खुला इस धोखाधड़ी का खेल?
चलिए आपको सिलसिलेवार तरीके से समझाते हैं कि यह पूरा खेल कैसे खेला गया। रसूलपुर खुर्द (कृष्णापुरी) के रहने वाले ज्ञान चंद्र कुमार (ग्राहक संख्या- 6053XX) एक आम उपभोक्ता हैं। उन्होंने बीते 14 मार्च 2026 को ऑनलाइन माध्यम से अपने घर के लिए एक एचपी गैस सिलेंडर बुक किया था। बुकिंग पूरी होने के बाद उनके मोबाइल पर कैश मेमो नंबर 1148227 भी आ गया। जैसा कि हर बार होता है, ज्ञान चंद्र को लगा कि जब डिलीवरी बॉय उनके घर गैस सिलेंडर लेकर आएगा, तब उनके मोबाइल पर एक सुरक्षा कोड (OTP) आएगा। वह कोड देने के बाद ही सिलेंडर उन्हें सौंपा जाएगा।

लेकिन इसके ठीक चार दिन बाद, यानी 18 मार्च 2026 को ज्ञान चंद्र के होश उड़ गए। उनके मोबाइल पर अचानक एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था कि आपका रसोई गैस सिलेंडर सफलतापूर्वक डिलीवर कर दिया गया है। ज्ञान चंद्र ने अपने घर में पूछा, पड़ोसियों से पूछा, लेकिन उनके घर पर कोई गैस सिलेंडर नहीं पहुंचा था। सबसे बड़ी बात यह थी कि किसी भी कर्मचारी ने उनसे कोई OTP नहीं मांगा था। जब उन्होंने अपने ही पड़ोसी देवेंद्र प्रसाद से बात की, तो पता चला कि उनके साथ भी हूबहू यही धोखा हुआ है। उनका सिलेंडर भी बिना किसी डिलीवरी और बिना किसी OTP के कागजों पर डिलीवर दिखा दिया गया था। दोनों पड़ोसियों को यह समझते देर नहीं लगी कि उनके हिस्से की रसोई गैस को ऊंचे दामों पर बेचकर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की जा चुकी है।
अधिकारी मौन, डीलर बेखौफ
इस खुली लूट और डिजिटल धोखाधड़ी से परेशान होकर पीड़ित ग्राहक ज्ञान चंद्र कुमार ने तुरंत कदम उठाया। उन्होंने 24 मार्च 2026 को लिखित रूप में दरभंगा के जिला पदाधिकारी (DM) को एक आवेदन दिया और न्याय की गुहार लगाई। इसके साथ ही उन्होंने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के विभागीय अधिकारियों और सतर्कता विभाग को भी ईमेल के जरिए इस चोरी की पूरी जानकारी दी।
लेकिन सबसे ज्यादा दुख की बात यह है कि इस गंभीर शिकायत के हफ्तों बीत जाने के बाद भी स्थानीय प्रशासन या HPCL कंपनी के बड़े अधिकारियों ने कोई एक्शन नहीं लिया। जब पीड़ित ग्राहक गैस एजेंसी के मैनेजर को फोन करते हैं, तो वह या तो डांटकर फोन काट देता है या फिर फोन उठाना ही बंद कर देता है। अधिकारियों की इस चुप्पी के कारण गैस एजेंसी के हौसले बुलंद हैं और इलाके में धड़ल्ले से गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का धंधा फल-फूल रहा है।

सरकार के डिजिटल इंडिया को झटका
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री और पेट्रोलियम मंत्री मंचों से डिजिटल इंडिया की तारीफ करते हैं और कहते हैं कि अब बिचौलियों का खेल खत्म हो चुका है। लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जब गैस एजेंसियां बिना OTP के ही सिस्टम के अंदर हेराफेरी करके सिलेंडर डिलीवर दिखा सकती हैं, तो फिर इस OTP सिस्टम का फायदा ही क्या है? चंद रुपयों के लालच में इस तरह गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करना न सिर्फ ग्राहकों के पेट पर लात मारना है, बल्कि यह सीधे तौर पर सरकार की योजनाओं को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश है।
पीड़ितों ने लगाई पेट्रोलियम मंत्रालय से गुहार
अब स्थानीय जनता और पीड़ितों का सब्र टूट चुका है। उन्होंने इस मामले को सोशल मीडिया पर भी उठाया है और सीधे केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय से हस्तक्षेप करने की मांग की है। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि:
- आर. जे. भवानी एचपी गैस एजेंसी के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और इसका लाइसेंस रद्द हो।
- कंपनी के तकनीकी एक्सपर्ट्स इस बात की जांच करें कि बिना ग्राहक का OTP दर्ज किए, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर में सिलेंडर को Delivered कैसे मार्क कर दिया गया। क्या इसमें कंपनी के सॉफ्टवेयर की कोई कमी है या फिर इसमें कोई अंदरूनी मिलीभगत है?
- गरीब और मध्यम वर्ग के हक का सिलेंडर चुराकर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले डीलर और मैनेजर पर आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।
अगर दरभंगा जिला प्रशासन और पेट्रोलियम विभाग ने इस मामले पर तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में आम जनता का इस सरकारी और डिजिटल व्यवस्था से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा। अब देखना यह है कि सोए हुए बड़े अधिकारी इस मामले पर कब जागते हैं और गरीब ग्राहकों को उनका हक और इंसाफ कब मिलता है।







