खुटौना (बिहार): बिहार के मधुबनी जिले के खुटौना प्रखंड से एक बेहद ही हृदयविदारक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ लौकहा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कमलपुर गांव (वार्ड संख्या-3) में एक गहरे तालाब ने दो मासूम जिंदगियों को हमेशा-हमेशा के लिए निगल लिया। तालाब में डूबने के कारण दो सगे भाई-बहन की असामयिक और दर्दनाक मौत हो गई है। इस भीषण हादसे के बाद से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं पूरे कमलपुर गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में गहरा सन्नाटा और मातमी माहौल पसरा हुआ है।
खेलते-खेलते अचानक लापता हो गए थे दोनों मासूम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान कमलपुर गांव के निवासी मोहम्मद तवारा के बच्चों के रूप में हुई है। इनमें उनकी 7 वर्षीय पुत्री अशीसा और 3 वर्षीय मासूम पुत्र मोहम्मद अयान शामिल हैं। परिजनों ने अत्यंत रुआंसे स्वर में बताया कि सोमवार की शाम को दोनों बच्चे रोज़ की तरह अपने घर के समीप ही गांव के अन्य बच्चों के साथ खेल रहे थे। खेल-खेल में ही दोनों मासूम अचानक वहाँ से कहीं दूर निकल गए और लापता हो गए।
जब शाम ढलने लगी और रात होने को आई, तब भी दोनों बच्चे घर वापस नहीं लौटे। बच्चों को आस-पास न पाकर परिजनों की चिंता और घबराहट तेजी से बढ़ने लगी। इसके बाद परिजनों ने आनन-फानन में ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। सोमवार की पूरी रात परिजनों और गांव वालों ने मिलकर टॉर्च की रोशनी में आसपास के सभी खेतों, बाग-बगीचों, झाड़ियों और संभावित छिपने या गिरने वाले स्थानों पर सघन खोजबीन की, लेकिन रातभर दोनों बच्चों का कहीं कोई सुराग नहीं मिल सका।
मंगलवार की सुबह तालाब में तैरते मिले शव
पूरी रात की बेनतीजा खोजबीन के बाद मंगलवार की सुबह गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कुछ ग्रामीणों ने गांव से करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित स्टेट हाईवे-51 (SH-51) के पार बने एक तालाब में दो बच्चों के शवों को पानी की सतह पर तैरते हुए देखा। देखते ही देखते यह खबर पूरे कमलपुर गांव में आग की तरह फैल गई।
शव मिलने की सूचना मिलते ही भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ तालाब की ओर दौड़ पड़ी। अपनों की तलाश में भटक रहे परिजन भी बदहवास हालत में मौके पर पहुँच गए। पानी से जब दोनों मासूम बच्चों के शवों को बाहर निकाला गया, तो परिजनों की चीख-पुकार और करुण क्रंदन से पूरा माहौल दहल उठा। एक साथ अपने दो चिरागों को बुझते देख माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था। वहाँ मौजूद कठोर से कठोर दिल वाले ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों की आँखें भी इस दर्दनाक मंजर को देखकर नम हो गईं।
बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंपे गए शव
घटना की भयंकर गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय लौकहा थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही लौकहा थाना की पुलिस टीम दलबल के साथ बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुँची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कागजी प्रक्रिया पूरी की।
थाना पुलिस नियमानुसार दोनों शवों को अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए भेजना चाहती थी, लेकिन मृत बच्चों के माता-पिता और परिजनों ने बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया। परिजनों के लिखित अनुरोध और ग्रामीणों की सहमति के बाद, पुलिस ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों की मौजूदगी में विधिसम्मत कार्रवाई पूरी करते हुए दोनों मासूमों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए बिना पोस्टमार्टम के ही परिजनों को सौंप दिया।

पूरे क्षेत्र में पसरा सन्नाटा, ग्रामीणों ने जताई संवेदना
इस बेहद दुखद और दिल दहला देने वाले हादसे के बाद से पूरे कमलपुर गांव में चूल्हा तक नहीं जला है। हर कोई इस बात से हैरान और स्तब्ध है कि नियति ने एक ही झटके में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियाँ छीन लीं। गांव का हर नागरिक पीड़ित परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुँच रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस अपार और असहनीय दुख की घड़ी में मोहम्मद तवारा के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। ग्रामीणों ने ईश्वर से प्रार्थना की है कि वह शोकाकुल माता-पिता और परिजनों को इस असहनीय आघात और कष्ट को सहने की शक्ति एवं संबल प्रदान करे। इस हादसे ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में जलाशयों और तालाबों के पास बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चिंता पैदा कर दी है।









